उदयपुर के बर्ड विलेज मेनार की ख्याति अंतरराष्ट्रीय मंच पर, WWF द्वारा ग्लोबल कंजर्वेशन कॉन्फ्रेंस में मिला निमंत्रण

उदयपुर, 26 सितंबर। झीलों की नगरी उदयपुर के बर्ड विलेज मेनार की ख्याति अब सात समंदर पार पहुंच गई है। मेनार को रामसर साइट का दर्जा दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले पक्षीविद दर्शन मेनारिया को विश्व वन्यजीव कोष (WWF) ने ग्लोबल कंजर्वेशन कॉन्फ्रेंस में विशेष रूप से आमंत्रित किया।यह प्रतिष्ठित सम्मेलन जयपुर के ताज देवी रतन रिजॉर्ट में चार दिन तक चला, जहां दुनिया के 120 देशों से WWF के वरिष्ठ संरक्षण निदेशक जुटे। इस महत्वपूर्ण अवसर का उद्घाटन केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने किया। इस मौके पर WWF के महासचिव और CEO रवि सिंह और राजस्थान के मुख्य वन्यजीव वार्डन अरुण कुमार भी विशेष रूप से मौजूद रहे।

समुदाय के संरक्षण मॉडल की हुई चर्चा

सम्मेलन में दर्शन मेनारिया ने मेनार गांव के लोगों द्वारा पिछले कई दशकों से पक्षियों के संरक्षण के लिए किए जा रहे अनूठे प्रयासों को दुनिया के सामने रखा। उन्होंने बताया कि कैसे मेनार के ग्रामीण बिना किसी सरकारी मदद के तालाबों और खेतों में आने वाले प्रवासी पक्षियों की रक्षा करते हैं, उनके शिकार पर रोक लगाते हैं और उनके लिए दाना-पानी की व्यवस्था करते हैं।मेनारिया ने कहा कि सामुदायिक भागीदारी से किया गया यह संरक्षण मॉडल ही मेनार को बर्ड विलेज और फिर रामसर स्थल बनाने में सफल रहा। दुनिया के 120 देशों के विशेषज्ञों ने इस मॉडल को काफी सराहा और इसे अन्य देशों में भी लागू करने पर चर्चा की।

उदयपुर के लिए गौरव का क्षण

उदयपुर से एक छोटे से गांव के पक्षीविद को इस ग्लोबल मंच पर बुलाया जाना पूरे मेवाड़ के लिए गर्व की बात है। यह साबित करता है कि उदयपुर सिर्फ झीलों का शहर नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी अग्रणी है। WWF द्वारा मेनार मॉडल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान देना आने वाले समय में उदयपुर में इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा देगा।