मेनार में सरपंची का महासंग्राम: दावेदारों में 'मूंछ की लड़ाई', 2 नए चेहरों ने बिगाड़ा समीकरण
संवाददाता: माधव मेनारिया
वल्लभनगर पंचायत समिति की सबसे चर्चित सीट, मेनार ग्राम पंचायत में सरपंच पद के लिए रोमांचक मुकाबला जारी है। इस बार सरपंची की दौड़ में कुल 6 उम्मीदवार मैदान में हैं। हालांकि, यह चुनाव केवल पद के लिए नहीं, बल्कि व्यक्तिगत प्रतिष्ठा के लिए भी हो रहा है।
मूंछ की लड़ाई बना चुनाव
ग्रामीणों का मानना है कि यह मुकाबला केवल चुनावी नहीं, बल्कि 'मूंछ की लड़ाई' बन चुका है। कुछ उम्मीदवार अपनी पुरानी राजनीतिक प्रतिष्ठा बचाने की कोशिश में हैं, जबकि कुछ नई प्रतिष्ठा स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं। हर हाल में जीत हासिल करना ही सबका लक्ष्य है।
नए चेहरों की एंट्री से बिगड़ा गणित
इस बार के चुनाव में 2 नए चेहरों की एंट्री ने पुराने दिग्गजों की नींद उड़ा दी है। ये नए चेहरे युवा वोटरों और बदलाव चाहने वाले मतदाताओं को आकर्षित कर रहे हैं। उनके आते ही मुकाबला अब एक तरफा नहीं रहा, बल्कि पूरी तरह से पेचीदा हो गया है। गांव में चर्चा है कि ये नए चेहरे किसी बड़े उलटफेर की तैयारी में हैं।
डमी उम्मीदवार ने बढ़ाया सस्पेंस
सबसे बड़ा ट्विस्ट यह है कि 6 में से 1 उम्मीदवार डमी बताया जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि वोट काटने और समीकरण बिगाड़ने के लिए इस डमी उम्मीदवार को मैदान में उतारा गया है। अब सवाल यह है कि यह डमी किसका खेल बिगाड़ेगा और किसे फायदा पहुंचाएगा? इसको लेकर गांव की चौपालों पर दिनभर चर्चाएं चल रही हैं।मेनार में मुख्य रूप से 3 प्रत्याशियों में ही सीधा घमासान माना जा रहा है, जबकि डमी उम्मीदवार की भूमिका पर सबकी नजर है। शनिवार को होने वाले मतदान के बाद ही तय होगा कि मेनार की जनता किसके साथ जाती है - साख बचाने वाले के, साख बनाने वाले के, या फिर नए चेहरे पर भरोसा जताती है। यह तो मतदान पेटी खुलने के बाद ही साफ होगा।क्या जनता करेगी किसी नए चेहरे का स्वागत, या कायम रहेगी पुरानी प्रतिष्ठा?
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